Mirambika Crisis: DoE conduct

DoE lawyer has just been seen conferencing at length  with PJ and other SAES reps right outside Justice Endlaw’s courtroom. DoE is likely to be consistent in its partisan approach in this matter. Petitioners must attack DoE officials – name and shame them in court.

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7 thoughts on “Mirambika Crisis: DoE conduct

  1. Amit July 5, 2015 / 3:02 pm

    प्रिये याचिकाकर्ताओं ,

    जब २०१२ में मदर इंटरनेशनल स्कूल और मिराम्बिका की हुई शिकायत, तब बनाइये डायरेक्टरेट ऑफ़ एजुकेशन ने एक कमेटी जांच करने के लिए। जाँच कमिटी ने याचिकाकर्ता को बिना बुलाये या सुने मामला रफा दफा कर दिया।

    उस वक्त शिक्षा डायरेक्टर थे श्री अमित सिंगला। अब डायरेक्टर हैं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पदमिनी सिंगला। उस वक्त डिप्टी डायरेक्टर, एजुकेशन, दक्षिण दिल्ली थी श्रीमती अनीता साठीया , जो अब हैं क्षेत्रीय डायरेक्टर, दक्षिण दिल्ली।

    जब सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जानकारी दी नहीं गयी तो मामला पहुंचा केंद्रीय सूचना आयोग। भूतपूर्व ( श्रीमती अनीता साठीया ) और वर्तमान ( श्रीमती रेनू शर्मा ) जन सूचना अधिकारी, ( डिप्टी डायरेक्टर, एजुकेशन, दक्षिण दिल्ली ) को हुआ कारण बताओ नोटिस जारी , और सूचना देने का निर्देश ।

    सूचना देने के बहाने से श्रीमती रेनू शर्मा ने बुलाया याचिकाकर्ता को दफ्तर , लेकिन खुद गायब हो गयी। ५ ~ ६ घंटे तक जानकारी नहीं दी गयी। उसके बाद एजुकेशन अफसर श्रीमती मधु सिंह से एक झूठी शिकायत लिखवा ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने एजुकेशन अफसर पर लगाया जुर्माना। लेकिन तब भी जानकारी नहीं दी।

    फिर आरोप लगे की श्री अमित सिंगला और श्रीमती पदमिनी सिंगला के बच्चों का दाखिला हुआ था मदर इंटरनेशनल स्कूल में मैनेजमेंट कोटे के द्वरा।
    आरोप यह है की ना सिर्फ श्री अमित सिंगला ने गैर कानूनी तरीके से मैनेजमेंट कोटा १५.१२.२०१० के बाद भी चलने दिया, बल्कि उसका अपने बच्चोें के दाखिले के लिए लाभ भी उठाया। वह भी उस स्कूल में जिसके जांच के निर्देश शिक्षा विभाग ने जारी किये।

    जनाब रहते हैं सिविल लाइन्स मैं करीब ३० किलोमीटर दूर । लाठसाहेब आते थे आपके और मेरे कर के पैसे की सरकारी गाड़ी में सरकारी ड्राइवर के साथ।
    जब चोरी पकड़ी गयी थो आरोप ये है की सबूत साफ़ कर दिए गए। इस बार भी सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जानकारी दी नहीं गयी। बोला गया की शिक्षा विभाग स्कूल से जानकारी मांगने में इक्छुक नहीं है !

    भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम अधिनियम के तहत जब शिकायत हुई थो उसको भेज दिया गया उसी अधिकारी के पास जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई।
    यहाँ सब गोलमाल है।

    अगर आप कथित तौर पर भ्रष्ट अधिकारी और स्कूल प्रबंधन को सबक सिखाना चाहते हैं, तो आप शिक्षा मंत्री के पास जाये।
    लेकिन बेवकूफी बंद करे और दिमाग की बत्ती जलाये । कॉलेज की ज़मीन पर नहीं चल सकता विद्यालय।

    धयवाद !

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  2. Amit July 5, 2015 / 3:08 pm

    प्रिये याचिकाकर्ताओं ,

    जब २०१२ में मदर इंटरनेशनल स्कूल और मिराम्बिका की हुई शिकायत, तब बनाइये डायरेक्टरेट ऑफ़ एजुकेशन ने एक कमेटी जांच करने के लिए। जाँच कमिटी ने याचिकाकर्ता को बिना बुलाये या सुने मामला रफा दफा कर दिया।

    उस वक्त शिक्षा डायरेक्टर थे श्री अमित सिंगला। अब डायरेक्टर हैं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पदमिनी सिंगला। उस वक्त डिप्टी डायरेक्टर, एजुकेशन, दक्षिण दिल्ली थी श्रीमती अनीता साठीया , जो अब हैं क्षेत्रीय डायरेक्टर, दक्षिण दिल्ली।

    जब सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जानकारी दी नहीं गयी तो मामला पहुंचा केंद्रीय सूचना आयोग। भूतपूर्व ( श्रीमती अनीता साठीया ) और वर्तमान ( श्रीमती रेनू शर्मा ) जन सूचना अधिकारी, ( डिप्टी डायरेक्टर, एजुकेशन, दक्षिण दिल्ली ) को हुआ कारण बताओ नोटिस जारी , और सूचना देने का निर्देश ।

    सूचना देने के बहाने से श्रीमती रेनू शर्मा ने बुलाया याचिकाकर्ता को दफ्तर , लेकिन खुद गायब हो गयी। ५ ~ ६ घंटे तक जानकारी नहीं दी गयी। उसके बाद एजुकेशन अफसर श्रीमती मधु सिंह से एक झूठी शिकायत लिखवा ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने एजुकेशन अफसर पर लगाया जुर्माना। लेकिन तब भी जानकारी नहीं दी।

    फिर आरोप लगे की श्री अमित सिंगला और श्रीमती पदमिनी सिंगला के बच्चों का दाखिला हुआ था मदर इंटरनेशनल स्कूल में मैनेजमेंट कोटे के द्वरा। आरोप यह है की ना सिर्फ श्री अमित सिंगला ने गैर कानूनी तरीके से मैनेजमेंट कोटा १५.१२.२०१० के बाद भी चलने दिया, बल्कि उसका अपने बच्चोें के दाखिले के लिए लाभ भी उठाया। वह भी उस स्कूल में जिसके जांच के निर्देश शिक्षा विभाग ने जारी किये।

    जनाब रहते हैं सिविल लाइन्स मैं करीब ३० किलोमीटर दूर । लाठसाहेब आते थे आपके और मेरे कर के पैसे की सरकारी गाड़ी में सरकारी ड्राइवर के साथ। जब चोरी पकड़ी गयी थो आरोप ये है की सबूत साफ़ कर दिए गए। इस बार भी सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जानकारी दी नहीं गयी। बोला गया की शिक्षा विभाग स्कूल से जानकारी मांगने में इक्छुक नहीं है !

    भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम अधिनियम के तहत जब शिकायत हुई थो उसको भेज दिया गया उसी अधिकारी के पास जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। यहाँ सब गोलमाल है।

    अगर आप कथित तौर पर भ्रष्ट अधिकारी और स्कूल प्रबंधन को सबक सिखाना चाहते हैं, तो आप शिक्षा मंत्री के पास जाये। लेकिन बेवकूफी बंद करे और दिमाग की बत्ती जलाये । कॉलेज की ज़मीन पर नहीं चल सकता विद्यालय।

    धन्यावाद !

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    • savemirambika July 5, 2015 / 7:10 pm

      शिक्षा मंत्री सिसोदिआ से हमारी मुलाकात भैंस के आगे बीन बजाने सी रहीं तभी न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। उन्हें कम संख्या वाले यानि कम मत प्राप्ति योग्य विवाद पसंद ही नहीं हैं। लगता है आपके दिमाग़ की बत्ती बहुत खूब जल रही है , कृपया ह्रदय भी खोल लें और मदद करें।

      Like

      • Amit July 6, 2015 / 1:36 am

        सच बोला आपने की भैस के आगे बीन बजाने से कोई फायेदा नहीं। आपके लिए मंत्री जी भैस थे (कोई नई बात नई), लेकिन मेरे लिए वह भैस है आप, जिसका ना कोई नाम है ना पता।

        वैसे मंत्री जी आपकी बेतुकी बातों पर नाचेंगे क्यों ?
        अगर नाचते तो नज़ारा देखने लायक होता !

        अगर ह्रदय हमारा नहीं खुला होता तो मुफ्त में आपको यह सब क्यों बताता ?
        जरा सोचिये !

        Like

      • savemirambika July 6, 2015 / 8:02 am

        Right under your Edu Minister’s nose, the DOE that you have damned is acting in concert with SAES to defend 14/4, etc. This was brought to his knowledge. He did sweet nothing to discipline his babus. Its easy to advice, please get your Minister to act.

        Like

  3. Amit July 6, 2015 / 1:36 am

    सच बोला आपने की भैस के आगे बीन बजाने से कोई फायेदा नहीं। आपके लिए मंत्री जी भैस थे (कोई नई बात नई), लेकिन मेरे लिए वह भैस है आप, जिसका ना कोई नाम है ना पता।

    वैसे मंत्री जी आपकी बेतुकी बातों पर नाचेंगे क्यों ?
    अगर नाचते तो नज़ारा देखने लायक होता !

    अगर ह्रदय हमारा नहीं खुला होता तो मुफ्त में आपको यह सब क्यों बताता ?
    जरा सोचिये !

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  4. Amit July 6, 2015 / 10:42 am

    Wow! You disabled the reply tab under your following comment?

    “Right under your Edu Minister’s nose, the DOE that you have damned is acting in concert with SAES to defend 14/4, etc. This was brought to his knowledge. He did sweet nothing to discipline his babus. Its easy to advice, please get your Minister to act.”

    He is not just mine, but your Education Minister too.

    “ना मे उसका भक्त, ना वह मेरा !”

    You are nuts, whosoever you are Mr./Ms. Anonymous.
    Good luck!
    _________________

    शैतान बनाम शैतान ?
    अति दिलचस्प मुकाबला !
    लगे रहो !

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