Mirambika Crisis: Meeting of Parents re DDA’s Chief Legal Adviser’s NO DDA THREAT TO SCHOOL opinion

A town hall meeting of Mirambika Parents was held this morning at the Community Center in Sarvodaya Enclave. At its peak, about 50 parents were in attendance. DDA’s Chief Legal Adviser’s opinion set at the end of this post (based on which the Show Cause Notice dated 23/6/15 was issued to SAES by DDA) was presented and read out by PJ Cracker to establish that there was NO DDA THREAT to the school premises (Mirambika Building & land) and that the SCN was only questioning the SAES proposed engg college. Barring a few exceptions (known PJ darbaris), those present agreed with the foregoing interpretation and raised hands to indicate that  the school should move back to the pre 14/4 premises. Reena then said that since PJ had earlier stated that the school would move back into the pre 14/4 premises if DDA confirmed that there was no threat to the leased land due to Mirambika running therefrom, the said opinion should be discussed with SAES / PJ so that the matter may be resolved amicably. Reena, Jasmeet, Mandakini, Joyti & Neti-Neti volunteered for the purpose.

Jatbong explained how the petitioner parents were forced to approach the court because of lack of dialogue with and stonewalling of solutions by SAES. He also mentioned that if the school is moved back into the pre 14/4 premises (since the DDA CLA opinion confirms that there was no threat to the leased land due to Mirambika running therefrom) the petitioners would be happy to withdraw the petition.

Q&A session led to issues & concerns inter alia regarding non-suitability of ‘Vatika Barracks ie Matri Store School Building’ for integral education being discussed. Mandakini wanted to know how the Matri Store School Building was not compliant with the law re safety & security. Sudoku answered that question comprehensively referring to specific violations visible at the Matri Store School Building. The house was told that over 5,000 children lose their lives in India every year due to schools not complying with the safety & security laws.

Autojunkie & Pun tried their best to derail the discussion by asking repeated questions regarding why the Mirambika Building was necessary for integral education. Birdie, Harsh, Tina, Neta, Richa and others replied to their questions by stressing on the need for an ecosystem for integral education. When Autojunkie & Neatpoo continued with their agenda (Pun had followed a similar approach last night over the WhatsApp discussion), Pysa delivered an emotional and passionate speech on the need to stay focused for the sake of safety & security of our children.

Photoshopper aka Runaway Newbrawl wanted the parents to be thankful to SAES for running Mirambika for decades from the land leased by DDA for a college. He was booed mildly by some. BisCha appeared to be helping him to stand & speak but all in vain.

Messyudin wanted the matter to be resolved peacefully without any further legal action. He dribbled on that for a brief while.

Some PJ darbaris were seen taking pictures and videos of the meeting.

The meeting dispersed after a call for support for moving the school back to its pre 14/4 premises. Many attendees signed a general letter of support for the cause.

After the meeting, Reena, Jasmeet, Mandakini, Joyti & Neti-Neti (accompanied by Diego & PJ Cracker) went to the Ashram to talk to PJ. Reena & Jasmeet met PJ (others were signaled to wait outside) and apparently told him regarding NO DDA THREAT in light of DDA’s Chief Legal Adviser’s opinion (based on which the Show Cause Notice dated 23/6/15 was issued to SAES by DDA). PJ was dismissive as ever. He reportedly said that SAES had only been served the SCN and not the said legal opinion and that in any case he / his lawyers consider opinions to be tissue papers. He also said that the said opinion should either be served on him / SAES and or filed before the Court. Its now for the readers to guess as to who is looking for a confrontation here.

DDA Chief Legal Adviser's opinion confirming no DDA threat due to Mirambika page0002 page0003 page0004 page0005 page0007

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4 thoughts on “Mirambika Crisis: Meeting of Parents re DDA’s Chief Legal Adviser’s NO DDA THREAT TO SCHOOL opinion

  1. Amit July 7, 2015 / 9:48 pm

    आप दिल्ली विकास प्राधिकरण से दिल्ली उच्च न्यालय में शपथ पत्र मांग ले की कॉलेज की ज़मीन पे विद्यालय चलाने में उनको कोई एतराज नहीं, और वह पट्टा विलेख का उल्लंघन नहीं।

    कानूनी राय अगर कारण बताओ नोटिस के विपरीत है तो जाहिर है की खारिज कर दी गयी है। कानूनी राय मात्र एक विभागीय आंतरिक चर्चा का दस्तावेज है। अगर कानूनी राय सही है तो दिल्ली विकास प्राधिकरण को शपथ पत्र देने में कोई एतराज नहीं होना चाहिए।

    तब सवाल होगा की क्या करीब १० वर्गगज़ की ज़मीन पर क्या चलेगा मात्र १४९ बच्चो का विद्यालय और उसको चलाने के लिए पैसा कहाँ से आएगा ? कोई योजना है ?

    हम आज उस युग मै रहते हैं जहाँ की एक ब्लॉग पर कुछ भी बेनाम तरीके से लिख दो, लोग सच मान लेते हैं। व्हाट्सप्प पे कुछ भी चला दो लोग सच मान लेते हैं और उसको आगे भी भेज देते हैं। कई बार पत्रकार भी यही से काट पीट कर के अपनी कहानी बना लेते हैं। इसी तरीके से इस जमाने में पैरवी की जाती है और अफवाहें फैलायी जाती हैं जो की दुखद है।

    सुझाव है कि आप इस ब्लॉग पर एक भी पृष्ठ / फोटोग्राफ बाहर छोड़ने बिना मामला रिकॉर्ड का पूरा सेट डाल दे, या गूगल के माध्यम से डाउनलोड करने के लिए उपलभ्ध करायें, जिससे लोग सही निर्णय ले सकें। कुछ छुपाये नहीं। आप एक तकनीकी व्यक्ति लगते हैं और इसमें मुश्किल नहीं होनी चाहिए।

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    • Anupama chib July 9, 2015 / 10:00 am

      Janaab aap jo bhi haen, lagtaa nahi hae ki aap ka bachaa ya bachi mirambika mein haen. Aap kabhi bhi mirambika ke bacho aur abhibhaavakon ka dard nahi samajh sakte.

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      • Amit July 9, 2015 / 11:24 am

        मोहतरमा ,

        सभी बच्चे अपने है। अगर नहीं होते तो वर्थ में अपना समय क्यों बर्बाद करता ?
        अगर आप कानून के विपरीत जायेंगे तो मिराम्बिका में ताला लगवाएंगे।

        आप दिल्ली विकास प्राधिकरण से दिल्ली उच्च न्यालय में शपथ पत्र मांग ले की कॉलेज की ज़मीन पे विद्यालय चलाने में उनको कोई एतराज नहीं, और वह पट्टा विलेख का उल्लंघन नहीं।

        कानूनी राय अगर कारण बताओ नोटिस के विपरीत है तो जाहिर है की खारिज कर दी गयी है। कानूनी राय मात्र एक विभागीय आंतरिक चर्चा का दस्तावेज है। अगर कानूनी राय सही है तो दिल्ली विकास प्राधिकरण को शपथ पत्र देने में कोई एतराज नहीं होना चाहिए।

        बच्चों के लिए सही व्यवस्था माँग सकते हो, हर्जाना मांग सकते हो, कथित तौर पर भ्रष्ट अधिकारी और स्कूल प्रबंधन को हटवा सकते हो, पर कॉलेज की ज़मीन पर नहीं चल सकता विद्यालय, यही कानून है। यह बात समझ गए तो होगी जीत।

        या फिर कानून बदलवा लो और चला लो विद्यालय।

        शुक्र मनाओ की जज साहेब ने ये नहीं पुछा की क्या आपका दिमाग घास चरने गया है जो की करीब दस एकर कॉलेज की सर्व-श्रेष्ठ ज़मीन पर चलाना चाहते हो मात्र १४९, वह भी ज्यादातर संभ्रांत व्यक्ति का विद्यालय ?

        माना की हुई है तुम्हारे बच्चोें के साथ बेईमानी। मिलनी चाहिए कुछ मूर्खो को सजा। लेकिन, गैरकानूनी तरीके से थो विद्यालय नहीं चलाया जा सकता ! मामला सिर्फ इतना हे की बच्चोें को मिलनी चहीहे पड़ने की सही व्यवस्था। मेरे हिसाब से वह जगह है मदर हेल्थ सेंटर के ३ खंड।

        शिक्षा डायरेक्टर के बच्चे पढ़ते हैं मदर इंटरनेशनल स्कूल में। दाखिला हुआ प्रबंधन कोटे से। सोचते हो की शिक्षा विभाग सही निरक्षण करेगा ?
        अभी भी वक्त हे। न्यालय से बोलो, नहीं भरोसा शिक्षा विभाग पर !
        विद्यालय हो मदर हेल्थ सेंटर में। मदर हेल्थ सेंटर हो जहाँ विद्यालय हे अब।
        एक जमाने में मदर हेल्थ सेंटर यहीं था।

        और मैनेजमेंट दे पूरा ब्यौरा की खाली की गयी ज़मीन का क्या करेगी?
        लिखित में दे की नहीं होगा इंजीनियरिंग कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा।
        नहीं होगा नोटों के बल पर दाखिला।

        एक और तरीका है।
        भूमि पट्टा बदला जा सकता है अगर स्कूल प्रबंधन याचिका लगाये।

        तब सवाल होगा की क्या करीब १० वर्गगज़ की ज़मीन पर चलेगा मात्र १४९ बच्चो का विद्यालय और उसको चलाने के लिए पैसा कहाँ से आएगा ?
        कोई योजना है ?

        ये मसला लड़ाई झगड़े से सुलझने वाला नहीं।
        इसको मिराम्बिका के सभी पक्ष खुद सुलझाये तोह बेहतर है।

        बहकावे में मत आओ और वर्थ बातो में समय ना गवाओ।
        इस शनिवार सुबह १० बजे सभी पक्षों की सभा बुलाओ।
        खुले दिमाग से आओ और समस्या का समाधान निकालो।
        नहीं तो सब एक दूसरे से लड़ते रहो।

        मंगा से निबटने के लिए थो जिंदगी पड़ी है !
        __________________________

        यह मुकाबला है बड़ा दिलचस्प !
        शैतान बनाम शैतान ?
        कौन किससे बड़ा ?
        लगे रहो, या दिमाग की बत्ती जलाओ !

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  2. 007+ July 8, 2015 / 10:19 pm

    Besharam(a) opinion?

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